मार्केटिंग और सेल्स में अंतर

मार्केटिंग और सेल्स में अंतर

मार्केटिंग और सेल्स में अंतर

मार्केटिंग

  • मार्केटिंग एक स्ट्रेटेजी, प्रोसेस, प्लानिंग है जो प्रोडक्ट के बनने से बी पहले से स्टार्ट हो जाती है और प्रोडक्ट के सेल होने के बाद भी चलती रहती है ||
  • मार्केटिंग में पहले कस्टमर की नीड एनालिसिस करते है और उनके अकॉर्डिंग प्रोडक्ट बनाते है ||
  • मार्केटिंग में लीडस् जनरेट करने पे फोकस करते है ||
  • मार्केटिंग में कस्टमर को अपने प्रोडक्ट या ब्रांड के बारे में बताया जाता है ब्रांड अवेयरनेस और ब्रांड पोजिशनिंग की जाती है ||
  • मार्केटिंग बड़े लेवल पे और बड़े ग्रुप को टार्गेटिंग करती है ||
  • मार्केटिंग को काउंट करना व मापना मुश्किल होता है ||
  • मार्केटिंग लॉन्ग टर्म प्रोसेस है जिसमे कस्टमर्स सटिस्फैक्शन पे फोकस होता है 
  • मार्केटिंग कस्टमर फीडबैक पे ज्यादा फोकस होता है मार्केटिंग का काम कस्टमर सटिस्फैक्शन होता है ||

सेल्स

  • सेल्स एक एक्टिविटी है जो किसी कस्टमर्स से डायरेक्ट बात करना और अपना प्रोडक्ट और सर्विसेज बेचना ||
  • सेल्स में सारा फोकस प्रोडक्ट या सर्विसेज है उसको को बेचना पे होता है || 
  • सेल्स में लीडस् को सेल्स में कन्वर्ट करते है ||
  • सेल्स में कस्टमर की रेक्विरेमेंट जानने क लिए उनसे बहुत सरे सवाल पहुंचे जाते है 
  • सेल्स लिमिटेड लोगो को टार्गेटिंग करती है ||
  • सेल्स को हम काउंट और कपड़े कर सकते है ||
  • सेल्स शार्ट टर्म होता है उसमे सिर्फ टारगेट अचीव करने पे फोकस होता है ||
  • सेल्स में कस्टमर फीडबैक पे फोकस नहीं होता उनका काम सिर्फ प्रोडक्ट या सर्विसेज बेचना होता है ||

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *